Thursday, April 18, 2024

हवाला कारोबार का वर्ल्ड चीफ और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का जनाज़ा क्या आएगा इंडिया? हवाला और भारत की फ़िल्म इंडस्ट्री को सदमा? अमेरिकन लुटेरों को नाक के चने चबवाने वाला,दुबई को दुबई बनाने वाला और पाकिस्तान को ज़िंदा रखने वाला भारतीय की डोंगरी से दुबई तक की देखिये कहानी

हवाला कारोबार का वर्ल्ड चीफ और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का जनाज़ा क्या आएगा इंडिया?
हवाला इंडस्ट्री को सदमा?
अमेरिकन लुटेरों को नाक के चने चबवाने वाला दुबई को दुबई बनाने वाला और पाकिस्तान को ज़िंदा रखने वाले इस भारतीय की डोंगरी से दुबई तक की देखिये कहानी

हड़कंप इंटरनेशनल डेस्क

नई दिल्ली :सहारा श्री की मौत के बाद ये दूसरा भारतीय है जिसने नुकसान कभी नही देखा पूरी दुनिया मे क्राइम और होशियारी से अपना रैकेट चलाने वाला पाकिस्तान के एक हॉस्पिटल में मौत के मुहाने पर खड़ा है जिस खबर से पूरी दुनिया मे हवाला कारोबार का सेंसेक्स रुक गया है।

मोस्ट वॉन्टेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कासकर का जन्म दिसंबर 1955 में महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में हुआ था. उसके पिता इब्राहिम कासकर पुलिस कांस्टेबल थे. बाद में दाऊद इब्राहिम का परिवार मुंबई के डोंगरी इलाके में बस गया था. 70 के दशक में दाऊद का नाम मुंबई के अंडरवर्ल्ड में तेजी से उभरने लगा था. पहले वो हाजी मस्तान गैंग में काम करता था. वहीं रहते रहते उसका प्रभाव बढ़ने लगा. उसके गैंग को लोग डी-कंपनी कहने लगे थे. वो उसका मुखिया माना जाता था. 90 के दशक में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट का मास्टर माइंड वही था. धमाकों को अंजाम देने के बाद वो भारत छोड़कर दुबई भाग गया था. उसके बाद उसने पाकिस्तान में अपना ठिकाना बनाया. अब वो अपने परिवार के साथ वहीं रहता है. उसके खिलाफ भारत में आतंकी हमला, मर्डर, अपहरण, सुपारी हत्या, संगठित अपराध, ड्रग्स, हथियारों की तस्करी जैसे कई मामले दर्ज हैं. साल 2003 में उसे ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया गया था. साल 2011 में एफबीआई और फोर्ब्स की एक लिस्ट में उसे दुनिया का तीसरा मोस्ट वांटेड भगोड़ा अपराधी बताया गया था.उसके बाद हवाला के कारोबार में अमेरिकन का भी बाप बन गया,पूरी दुनिया मे नंबर 2 रकम पहुचाने की इस कंपनी ने अमेरिकन बैंक और डॉलर पर कब्ज़ा करके वहा की अर्थ व्यवस्था को चौपट कर दिया ,इस हवाला कारोबार की इंडस्ट्री ने पूरी दुनिया मे हड़कम्प मचा दिया ,दुबई मेन सेंटर बनाकर हुए इस कारोबार की चमक से दुबई की चमचमाती इमारतो ने इस नाजायज कारोबार पर पर्दा डाल दिया

दाऊद के परिवार में कौन-कौन है…

दाऊद और मेहजबीन के चार बच्चे हुए हैं. इनमें तीन बेटियां महरुख इब्राहिम, माहरीन इब्राहिम, मारिया इब्राहिम हैं. एक बेटा मोइन इब्राहिम नवाज है. दाऊद की बड़ी बेटी महरुख इब्राहिम का निकाह पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे जुनैद से साल 2014 में हुआ था. दाऊद की दूसरी बेटी माहरीन का निकाह भी पाकिस्तान मूल के ही अमेरिकी बिजनेसमैन अयूब से हुआ. सबसे छोटी बेटी मारिया का साल 1998 में निधन हो गया था. बेटे ने सोनिया नाम की लड़की से निकाह कर लिया था. दाऊद के पांच भाई-बहन हैं. इनमें हसीना पारकर, सईदा पारकर, फरजाना तुंगेकर और मुमताज शेख शामिल हैं.

देवर के साथ काला कारोबार चला रही पत्नी महजबीन

मुंबई ब्लास्ट के बाद दो भाई अनीस इब्राहिम और नूरा इब्राहिम दाऊद के साथ दुबई भाग गए थे. साल 2007 में नूरा की करांची बम ब्लास्ट में मौत हो गई थी. दूसरा भाई अनीस दाऊद के साथ रहता है. तीसरा भाई इकबाल परिवार के साथ मुंबई में ही रहता है. दो बहनें हसीना पार्कर और सईदा मुंबई में रहती थीं. हालांकि, अब दोनों की मौत हो गई है. फरजाना तुंगेकर का भी निधन हो गया है. मीडिया रिपोर्टस में कहा जाता है कि दाऊद की पत्नी महजबीन अपने देवर अनीस के साथ मिलकर काला कारोबार चला रही है.

दाऊद के 15 उपनाम… और कहां-कहां कारोबार?

– दाऊद इब्राहिम 1993 मुंबई बम विस्फोटों के अलावा 26/11 के आतंकवादी हमलों को अंजाम देने, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल कायदा के ओसामा बिन लादेन और अयमान अल-जवाहिरी के साथ करीबी संबंध रखने, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले और आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग घोटाले समेत अन्य मामलों में भी आरोपी है. दाऊद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आईएस और अल-कायदा प्रतिबंध समिति ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है.
– संयुक्त राष्ट्र की सूची में दाऊद इब्राहिम के 15 उपनाम शामिल हैं- इनमें दाऊद इब्राहिम, शेख दाऊद हसन, अब्दुल हामिद अब्दुल अजीज, अनीस इब्राहिम, अजीज दिलीप, दाऊद हसन शेख इब्राहिम कासकर, दाऊद इब्राहिम मेमन कासकर, दाऊद हसन इब्राहिम कासकर, दाऊद इब्राहिम मेमन, दाऊद साबरी, कासकर दाऊद हसन, शेख मोहम्मद इस्माइल अब्दुल रहमान, दाऊद हसन शेख इब्राहिम, शेख इस्माइल अब्दुल और हिजरत.
– एस. हुसैन जैदी की किताब ‘डोंगरी से दुबई तक’ में भी दाऊद के अलग-अलग नामों के होने का दावा किया गया है. शुरुआती दौर में उसे ‘मुच्छड़’ के नाम से जाना जाता था. इसकी वजह उसकी मोटी और घनी मूछें थी. लेकिन भारत से भागने के बाद वह लगातार अपना नाम और पहचान बदलता रहा. कहा जाता है कि हुलिया बदलने के लिए उसने कई बार अपने चेहरे की सर्जरी भी कराई. पाकिस्तान में बसा तो नाम भी बदल लिया. उसके छद्म नामों से एक शेख दाऊद हसन भी है. यह नाम पाकिस्तान में उसकी पहचान है. इसके अलावा कुछ लोग उसे डेविड या भाई भी कहकर बुलाते हैं.

भारत में मौजूद लोगों को जब वह फोन करता है तो हाजी साहब या फिर अमीर साहब के नाम से पहचान कराई जाती है. पाकिस्तान में उसके ठिकानों की हर एक हकीकत भारत के सामने आ चुकी है. भारत सरकार ने पाकिस्तान को जो डोजि‍यर सौंपा है, उसमें उसके तमाम ठिकानों का जिक्र है.
– दाऊद का कारोबार यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण एशिया में फैले एक दर्जन से ज्यादा देशों में है. अकेले ब्रिटेन में उसके पास 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति है. उसने विभिन्न देशों में 50 से अधिक संपत्तियों में निवेश किया है.
– दाऊद का कारोबार भारत, पाकिस्तान, ब्रिटेन, जर्मनी, तुर्की, फ्रांस, स्पेन, मोरक्को, साइप्रस, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर तक फैला हुआ है.

सरकार की कड़ी निगरानी के बावजूद दाऊद की भारत में अवैध कारोबार से होने वाली कमाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि उसकी कमाई का 40 प्रतिशत तक हिस्सा अभी भी भारत से आता है. भारत में उसका मुख्य व्यवसाय नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) जारी करना है. हालांकि कहा जा रहा है कि मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी से उसके कारोबार को काफी नुकसान पहुंचा है.
– दाऊद का दक्षिण अफ्रीका में हीरों का अवैध कारोबार है. दक्षिण अफ्रीका से खनन किए गए अधिकांश हीरे काटने और चमकाने के लिए भारत आते हैं कहा जाता है कि उसके करीबी सहयोगी छोटा शकील ने अपना दुबई से कारोबार समेट लिया है.

– समझा जाता है कि छोटा शकील भारत में दाऊद का अपराध सिंडिकेट भी चला रहा है. माना जाता है कि छोटा शकील ही वो शख्स है, जो भारत में इस काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर की भर्ती करता है. छोटा शकील को दाऊद का एक और भरोसेमंद सहयोगी मदद करता है. उसे दक्षिण अफ्रीका में रहमत के नाम से पहचाना जाता है. फोर्ब्स ने 2015 में दाऊद की कुल संपत्ति 6.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान लगाया था. फोर्ब्स के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम अब तक के सबसे अमीर गैंगस्टरों में से एक है.

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का रिश्ता काफी पुराना और गहरा है. रुपहले पर्दे पर अंडरवर्ल्ड के हर किरदार को बड़ी शिद्दत से निभाया गया है. लोगों के बीच इनकी कहानियां लोकप्रिय होने की वजह से ऐसी फिल्मों को दर्शकों ने भी काफी सराहा है. जुर्म की दुनिया के इन रीयल किरदारों दाऊद इब्राहिम, अबू सलेम, छोटा शकील, छोटा राजन, माया डोलस और माण्या सुर्वे को रील पर बखूबी दिखाया गया है.
– अंडरवर्ल्ड की दुनिया पर बनने वाली फिल्मों में ‘ब्लैक फ्राइडे’ (9 फरवरी, 2007), ‘शूटआउट एट वडाला’ (1 मई, 2013), ‘कंपनी’ (15 अप्रैल, 2002), ‘डी’ (3 जून, 2005), ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ (30 जुलाई, 2010), ‘वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई अगेन’ (15 अगस्त, 2013), ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (25 मई, 2007), ‘डी डे’ (19 जुलाई, 2013) आदि का नाम प्रमुख है.
भारत का एक और दुश्मन गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में अंतिम सांसें गिन रहा है. वो कराची के एक अस्पताल में भर्ती है. उसे जहर दिए जाने का दावा किया जा रहा है. दाऊद पिछले 30 साल से पाकिस्तान में छिपकर बैठा है. कराची में बैठकर ही दुनियाभर में अपना गैरकानूनी कारोबार चला रहा है. भारतीय एजेंसियों ने दाऊद के कॉल डिटेल्स तक निकाल लिए हैं. भारतीय जांच एजेंसियों ने इस बात पर पुख्ता मुहर लगाई है.

बता दें कि हिंदुस्तान का दुश्मन नंबर एक दाऊद इब्राहिम (67 साल) 1993 के मुंबई बम हमले का आरोपी है. अमेरिका ने भी उसे आतंकी घोषित कर रखा है. मुंबई ब्लास्ट के बाद दाऊद भारत से भाग गया था. यही डी कंपनी का सरगना है. भारत की खुफिया एजेंसियां दाऊद के ठिकाने के साथ-साथ उसकी आवाज तक हासिल कर चुकी हैं. खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान में उसके उन ठिकानों तक भी पहुंचीं, जिन्हें वो अब तक दुनिया भर से छिपाता रहा है. ज्यादा वक्त नहीं हुआ, जब दाऊद की आवाज के आधार पर भारत की एजेंसियां इस नतीजे पर पहुंची थीं कि दाऊद कराची में ही है और वहीं से अपना गैरकानूनी कारोबार चला रहा है.

दाऊद के कराची में दो ठिकाने…

कराची के क्लिफ्टन रोड पर स्थित व्हाइट हाउस बंगला दाऊद का पाकिस्तान में परमानेंट ठिकाना है. यहां वो अपने पूरे परिवार के साथ रहता है. इसके अलावा, कराची में ही डिफेंस हाउसिंग कॉलोनी में बंगला नंबर-37 है. ये दाऊद का दूसरा ठिकाना है. नये खुलासे के मुताबिक दाऊद इब्राहिम अब करांची के डिफेंस एरिया में अब्दुल्ला गाजी बाबा दरगाह के पीछे रहीम फाकी के पास रहता है. जिस गली में उसका बंगला है, वह कराची का नो-ट्राइपास जोन है और उस पर पाकिस्तानी रेंजर्स का कड़ा पहरा है. दाऊद को आईएसआई का संरक्षण प्राप्त है. भारत सरकार का कहना है कि दाऊद से जुड़े तमाम सबूत पाकिस्तान को दिए जा चुके हैं. लेकिन पाकिस्तान सरकार ना सिर्फ लगातार इन सबूतों को झूठलाती चली आ रही है, बल्कि एक ही राग अलाप रही है कि दाऊद पाकिस्तान में नहीं है. हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने खुद कुबूल किया कि दाऊद हमारे यहां हैं. लेकिन कार्रवाई के नाम पर पूरी दुनिया को गुमराह करता रहा. दाऊद के पास 14 पासपोर्ट हैं.

पत्नी और चार बच्चों के साथ दुबई आता-जाता है दाऊद

दस्तावेजों से साफ है कि दाऊद अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ कराची में रहता है और वो बार-बार दुबई की यात्रा करता है. खुफिया एजेंसियों को दाऊद इब्राहिम की पत्नी जुबीना जरीन उर्फ मेहजबीन के नाम का एक टेलीफोन बिल और दाऊद के कई पासपोर्ट भी मिले हैं. आजतक के पास दाऊद को लेकर भारत के डोजियर की कॉपी है. NSA लेवल की बातचीत में इसी डोजियर को पाकिस्तान को सौंपा गया. डोजियर में दाऊद के पाकिस्तान में होने के तमाम सबूत हैं. इसमें दाऊद के 9 ठिकानों का जिक्र है. ये सभी ठिकाने पाकिस्तान के हैं. इनमें से ज्यादातर पते कराची के हैं. हैरानी की बात तो यह है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी दाऊद के ठिकाने हैं.

पठान लड़की से दूसरी बार निकाह किया

इतना ही नहीं, दाऊद इब्राहिम ने एक पाकिस्तानी पठान लड़की से दूसरा निकाह किया है. दाऊद की पहली बीवी जुबीना जरीन उर्फ मेहजबीन ने भी दावों की पुष्टि की थी. दाऊद की पहली बीवी महजबीन ही हर अहम मौके पर भारत में बैठे रिश्तेदारों के संपर्क में वॉट्सप्प कॉल के जरिए जुड़ी रहती है. महजबीन मुंबई की रहने वाली है. महजबीन का तलाक नहीं हुआ है. दाऊद ने महजबीन की सहमति से दूसरा निकाह किया है.

 

 

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